तुझे चाहते हैं बेईन्तहा , पर चाहना नही आता…
ये कैसी मोहब्बत हैँ कि ,
हमे कहना नही आता…
जिन्दगी मेँ आ जाओ,
हमारी जिन्दगी बन कर,
कि तेरे बिन हमे जिन्दा रहना नही आता…
हर पल तुझे बस तुझे दुआओं मे मांगते हैँ ,
क्या करे की तुम्हारे सिवा कुछ मांगना नही आता…
—-
उसके इंतजार के मारे है हम.. 
बस उसकी यादों के सहारे है हम… 
दुनियाँ जीत के कहना क्या है अब.
जिसे दुनियाँ से जीतना था आज उसी से हारे है हम..

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